होमरुल लीग आंदोलन

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होमरुल लीग आंदोलन

होमरुल लीग आंदोलन सर्वप्रथम किसने आरंभ किया - एनी बेसेंट        U.P.P.C.S. (Pre) 1991/U.P.P.C.S. (Pre) 1993

  • होमरुल लीग की स्थापना करने के संबंध में योजना श्रीमती एनी बेसेंट ने बनाई थी।
  • स्वशासन आंदोलन का शुभारंभ 2 जनवरी, 1914 को साप्ताहिक समीक्षा पत्रिका कॉमनवील के प्रकाशन के साथ शुरु हुआ।
  • इस पत्रिका ने ब्रिटिश राष्ट्रमंडल के अंतर्गत स्वशासन के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, धार्मिक स्वतंत्रता, राष्ट्रीय शिक्षा, सामाजिक और राजनैतिक सुधारों को अपना आधारभूत कार्यक्रम बनाया।
  • इस कार्यक्रम के अनुसरण हेतु दो पृथक होमरुल लीगों की स्थापना की गई, दोनों लीगें एक - दूसरे की पूरक थीं।
  • अप्रैल, 1916 में तिलक ने इंडियन होमरुल लीगों की स्थापना की और उसके 5 माह बाद सितंबर, 1916 में श्रीमती एनी बेसेंट ने होमरुल लीग स्थापित की।
  • तिलक की लीग कर्नाटक, महाराष्ट्र (बंबई छोड़कर), मध्य प्रांत और बरार की 6 शाखाओं तक सीमित थी।
  • देश के बाकी हिस्से एनी बेसेंट की लीग के जिम्मे आए।
  • बेसेंट की लीग का संगठन बहुत ढ़ीला था कोई भी तीन व्यक्ति कहीं भी शाखा खोल सकते थे, जब कि तिलक की लीग का संगठन बहुत मजबूत था, सभी छः शाखाओं के काम और कार्य क्षेत्र निर्धारित थे।
  • दोनों लीगों ने अपना विलय नहीं किया क्यों कि एनी बेसेंट के शब्दों में उनके (तिलक) कुछ समर्थक मुझे पसंद नहीं करते और मेरे कुछ समर्थक उन्हें नापसंद करते थे।
  • लेकिन मेरे और उनके बीच किसी तरह का कोई झगड़ा नहीं था।

1915 - 16 में दो होमरुल लीग आंरभ की गई थी नेतृत्व में - तिलक एवं एनी बेसेंट के        U.P.U.D.A./L.D.A. (Pre) 2001

  • 28 अप्रैल, 1916 को तिलक ने एवं 3 सितंबर, 1916 को एनी बेसेंट ने अपनी - अपनी होमरुल लीग की स्थापना की।
  • बेसेंट ने कॉमनवील और न्यू इंडिया तथा तिलक ने मराठा और केसरी के माध्यम से अपनी - अपनी लीग का प्रचार किया।

एनी बेसेंट मुख्यतः संबद्ध रही हैं - गृहशासन आंदोलन से        U.P.P.C.S. (Mains) 2010

  • एनी बेसेंट मुख्यतः गृहशासन (होमरुल) आंदोलन से संबद्ध थीं।
  • भारत में होमरुल लीग की स्थापना की योजना मूलतः एनी बेसेंट द्वारा ही बनाई गई थी।
  • होमरुल आंदोलन की व्याख्या 2 जनवरी, 1914 को अपने पत्र कॉमनवील में एनी बेसेंट ने की थी, जिसमें ब्रिटिश राष्ट्रमंडल के अंतर्गत स्वशासन के उद्देश्य को ध्यान में रखकर धार्मिक स्वतंत्रता, राष्ट्रीय शिक्षा तथा सामाजिक और राजनीतिक सुधारों को आधारभूत कार्यक्रम बनाया गया था।
  • भारत में यह आंदोलन प्रथम विश्व युद्ध के दौरान काफी लोकप्रिय रहा।

तिलक तथा एनी बेसेंट द्वारा बनाए गए होमरुल लीगों को एक में मिला दिया गया था - 1918 में       P.C.S. (Mains) 2002

  • भारत में होमरुल आंदोलन तिलक तथा एनी बेसेंट द्वारा 1916 में प्रारंभ किया गया।
  • तिलक ने अप्रैल, 1916 में बेलगांव में हुए प्रांतीय सम्मेलन में होमरुल लीग के गठन की घोषणा कर दी तथा एनी बेसेंट ने सितंबर, 1916 में होमरुल लीग की स्थापना की।
  • 1918 में दोनों होमरुल लीगों को एक में मिला दिया गया था।

किस अधिवेशन में होमरुल समर्थक अपनी राजनीतिक शक्ति का सफलतापूर्वक प्रदर्शन कर सके - कांग्रेस का 1916 का लखनऊ अधिवेशन        B.P.S.C. (Pre) 1994

  • 1916 का लखनऊ अधिवेशन होमरुल लीग के सदस्यों के लिए अपनी ताकत दिखाने का अच्छा मौका था।
  • तिलक के समर्थकों ने तो परंपरा ही बना दी, जिस पर कांग्रेस बहुत साल तक टिकी रही।
  • उनके समर्थकों ने लखनऊ पहुंचने के लिए एक ट्रेन आरक्षित की, जिसे कुछ लोगों ने कांग्रेस स्पेशल का नाम दिया तो कुछ ने होमरुल स्पेशल कहा।
  • बेसेंट की लीग के संगठन मंत्री जॉर्ड अरुंडेल ने लीग के हर सदस्य से कहा था कि वह लखनऊ अधिवेशन में शामिल होने की हर संभव कोशिश करे।
  • अधिवेशन की समाप्ति के तुरंत बाद उसी पंडाल में दोनों होमरुल लीगों की बैठक हुई, जिसमें लगभग एक हजार प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

होमरुल आंदोलन भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक नए चरण के आरंभ का द्योतक था, क्योंकि - इसने देश के सामने स्वशासन (Self - Government) की एक ठोस योजना रखी        B.P.S.C. (Pre) 1996        

  • होमरुल आंदोलन के दोनों नेताओं तिलक एवं एनी बेसेंट की निगाह में स्वराज का अर्थ करीब एक जैसा ही था - ब्रिटिश साम्राज्य के अंतर्गत स्थानीय, प्रांतीय एवं केन्द्रीय स्तर पर उत्तरदायी शासन एवं प्रशासन की अधिकाधिक व्यवस्था की जाए, जैसी गोरों द्वारा शासित डोमिनियन दर्जा प्राप्त अन्य ब्रिटिश उपनिवेशों में थी, यथा - कनाडा एवं ऑस्ट्रेलिया में।
  • इस प्रकार होमरुल आंदोलन भारत में स्वतंत्रता संग्राम के एक नए चरण के आरंभ का द्योतक था, क्योंकि इसने देश के समक्ष स्वशासन की एक नई और ठोस योजना प्रस्तुत की।

प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान आंदोलन जो भारत में लोकप्रिय हुआ था, वह था - होमरुल आंदोलन        U.P. Lower Sub. (Pre) 2008

कौन फेबियन आंदोलन का प्रस्तावक था - एनी बेसेंट        I.A.S. (Pre) 2005

  • एनी बेसेंट (1847 - 1923) फेबियन आंदोलन की प्रस्तावक थी।

होमरुल आंदोलन प्रारंभ करने के लिए उत्तरदायी थीं - एनी बेसेंट        I.A.S. (Pre) 2013        

  • भारत में होमरुल आंदोलन प्रारंभ करने के लिए एनी बेसेंट ही उत्तरदायी रहीं।
  • एनी बेसेंट ने सितंबर, 1916 में मद्रास में होमरुल लीग की स्थापना की।
  • हालांकि इससे पहले तिलक ने अप्रैल, 1916 में पूना में होमरुल लीग की स्थापना की थी, फिर भी दोनों आपसी सहयोग से अलग - अलग क्षेत्र में काम करते रहे।
  • होमरुल आंदोलन का मुख्य उद्देश्य संवैधानिक तरीकों से स्वशासन प्राप्त करना था।
  • एनी बेसेंट को इंडियन नेशनल कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन (दिसंबर, 1917) की प्रथम महिला अध्यक्ष चुना गया।
  • थियोसोफिकल सोसाइटी की स्थापना 1875 ई. में अमेरिका में मैडम ब्लावेट्स्की तथा कर्नल अल्कॉट ने की थी।
  • एनी बेसेंट 1889 ई. में इसकी सदस्या बनीं।
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Exam List

होमरुल लीग आंदोलन - 01
  • Question 20
  • Min. marks(Percent) 50
  • Time 20
  • language Hin & Eng.
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