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चर्चा में क्यों ?

पोंगोत्सो विवाद, फिंगर एरिया क्या है ? स्टेपल वीजा विवाद, सिल्क रोड मामला, डोकलाम विवाद, नेपाल का नया नक्शा

  • भारत चीन के मध्य नया विवाद विश्व-प्रसिद्ध पैंगोंग-त्सो लेक से जुड़ा है।
  • कुछ दिनों पहले भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच पैंगोंग त्सो झील (Pan gong Tso Lake) के समीप लद्दाख में तनाव की स्थिति देखने को मिली।

विवाद का कारण –

  • लद्दाख की पैंगोंग-त्सो लेक में चीन ने अपनी पैट्रोंलिंग बोट्स की तादाद बढ़ाकर 3 गुना कर (पहले 3 बोट्स अब 9 बोट्स) दिया।
  • 5 मई की रात को लद्दाख के पैंगोंग-त्सो लेक (झील) के करीब विवादित फिंगर-एरिया में भी दोनों देशों के सैनिक आपस में भिड़ गए थे।
  • इस भिड़ंत में दोनों देशों के बड़ी तादाद में सैनिक घायल हुए थे।
  • हालांकि बाद में स्थानीय कमांडर्स ने मामला सुलझा लिया था।
  • इससे पहले साल 2017 में दोनों देशों के सैनिकों के बीच मारपीट और पत्थरबाजी का वीडियो तो वायरल हो गया था।
  • पैंगोंग-त्सो लेक से सटी आठ पहाड़ियां हाथ की उंगलियों के आकार की हैं, इसलिए इन पहाड़ियों को 'फिंगर एरिया' कहा जाता है।
  • एक से लेकर चार नंबर तक की फिंगर पर भारत का अधिकार है जबकि पांच से आठ पर चीन का कब्जा है।
  • ये पूरा फिंगर एरिया विवादित क्षेत्र है यानि मिलेट्री भाषा में कहें तो ये दोनों देशों के बीच एक बड़ा 'फ्लैश प्वाइंट' है।
  • पैंगोंग-त्सो लेक की दूरी लद्दाख के प्रशासनिक मुख्यालय, लेह से 150 किलोमीटर है।
  • पैंगोंग-त्सो लेक लद्दाख में भारत-चीन सीमा के विवादित क्षेत्र में स्थित है।
  • यह 4350 मीटर की ऊँचाई पर स्थित 134 किलोमीटर लंबी है और लद्दाख से तिब्बत तक फैली हुई है।
  • इस झील का 45 किलोमीटर क्षेत्र भारत में स्थित है जबकि 90 किलोमीटर क्षेत्र चीन में पड़ता है। 
  • वास्तविक नियंत्रण रेखा  (LAC) इस झील के मध्य से गुज़रती है।  
  • यहां तक पहुंचने के लिए दुनिया की दूसरे सबसे ऊंचाई वाली सड़क, चांगला पास (दर्रे) से गुजरना पड़ता है, जो करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर है।

अन्य प्रमुख तथ्य :-

  • देश के 5 राज्यों को छूती है चीन की सीमा
  • दोनों देश करीब 34,88 किमी की सीमा साझा करते हैं।
  • चीन से भारत की सीमा पांच राज्यों से जुड़ती है।
  • इनमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं।

अरुणाचल पर स्टेपल वीजा का विवाद -

  • चीन दावा करता है कि मैकमोहन रेखा के जरिए भारत ने अरुणाचल प्रदेश में उसकी 90 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन दबा ली है।
  • भारत इसे अपना हिस्सा बताता है।
  • अरुणाचल को विवादित बताने के लिए चीन वहां के निवासियों को स्टेपल वीजा भी देता है।
  • नत्थी वीजा में आव्रजन अधिकारी (Immigration officer) आपके पासपोर्ट पर स्टाम्प नही लगाता है बल्कि एक कागज अलग से आपके पासपोर्ट के साथ नत्थी या जोड़ देता है।
  • इस कागज में आपके द्वारा उस देश की यात्रा करने का उद्येश्य लिखा होता है, और अधिकारी इसी कागज पर स्टाम्प लगाते हैं, इसे ही नत्थी वीजा कहते हैं।
  • चीन भारत के दो राज्यों अरुणाचल प्रदेश और जम्मू & कश्मीर के लोगों को नत्थी वीजा जारी करता है लेकिन चीन यही नीति भारत के अन्य राज्यों के निवासियों के साथ लागू नही करता है।
  • चूंकि चीन अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत का भाग मानता है लेकिन अरुणाचल में रहने वाले लोगों को "चीनी" नही मानता है इसलिए वह यहाँ के निवासियों को नत्थी वीजा जारी करता है।

वर्तमान में हुयी घटनाएं -

  • हिन्द महासागर में चीन, भारत से मात्र 684 किलोमीटर की दूरी पर मालदीव में कृत्रिम द्वीप बना रहा है।
  • केरल से करीब 684 किलोमीटर की दूरी पर मालदीव है & यह छोट-छोटे 12 सौ आइलैंड (द्वीप) हैं।
  • इसकी कैपिटल माले है।
  • मालदीव ने वर्ष 2016 में 16 द्वीप चीनी कंपनियों को लीज पर दिए थे।
  • उस समय तत्‍कालीन प्रेसिडेंट अब्‍दुल्‍ला यामीन की सत्‍ता थी।
  • हालांकि बाद में वहां पर सत्‍ता बदली और यहां पर इब्राहिम मोहम्‍मद सोलिह प्रेसिडेंट है, जो भारत के करीबी माने जाते हैं।
  • इनमें से एक द्वीप को 4 मिलियन डॉलर (30 करोड़ रुपए) में लीज पर दिया गया था।
  • यहां पर चीन अपने बेल्ट और रोड इनिशिएटिव के तहत द्वीप का विस्‍तार कृत्रिम रूप से कर रहा है।

भारत के लिए खतरा ?

  • भारत के लिए डर है कि चीन अपनी निर्माण कंपनियों की आड़ में मिलिट्री बेस स्थापित कर सकता है।
  • इस द्वीप से चीनी जहाजों को भारत आने में 20 से 25 मिनट का समय लगेगा।
  • भूटान का साथ देता है भारत
  • डोकलाम का कुछ हिस्सा सिक्किम में भारतीय सीमा से सटी हुई है। जहां चीन सड़क निर्माण करना चाहता है। 
  • भूटान और चीन दोनों इस इलाके पर अपना दावा करते हैं। 
  • भूटान और चीन में कोई राजनयिक संबंध नहीं है, इसलीए भूटान को ऐसे मामलों में भारत की ओर से सैन्य और राजनयिक सहयोग मिलता है।
  • नेपाल ने अपने नए नक्‍शे (Map) में भारत के किस हिस्‍से को भी शामिल दिखाया है - कालापानी, लिपुलेख, लिंपियाधूरा
  • नेपाल के नए नक्शे में नेपाल के उत्तरी, दक्षिणी, पूर्वी और पश्चिमी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं बदलाव को दिखाया गया है।
  • दरअसल, भारत ने 8 मई को लिपुलेख-धाराचूला मार्ग का उद्घाटन किया था।
  • नेपाल ने इसे एकतरफा फैसला बताते हुए आपत्ति जताई थी।
  • उसका दावा है कि महाकाली नदी के पूर्व का पूरा इलाका नेपाल की सीमा में आता है।
  • जबकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि लिपुलेख भारत की सीमा क्षेत्र में है।
  • लिपुलेख मार्ग से पहले भी मानसरोवर यात्रा होती रही है।
  • भारत ने अपना नया राजनीतिक नक्शा 2 नवम्बर 2019 को जारी किया था।
  • इसमें कालापानी, लिंपियधुरा और लिपुलेख इलाके को भारतीय क्षेत्र में बताया गया है।
  • नेपाल ने उस समय भी आपत्ति की थी।



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