img

भारत वन स्थिति रिपोर्ट -2019(India State of Forest Report, 2019)

पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन एक संगठन भारतीय वन सर्वेक्षण (Forest Survey of India) द्वारा भारत वन स्थिति रिपोर्ट-2019 (India State of Forest Report, 2019- ISFR, 2019) जारी की गई है।

📢Mapping Special का ऐसा विडियो आपने आज तक नहीं देखा होगा-

  • पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन एक संगठन भारतीय वन सर्वेक्षण (Forest Survey of India) द्वारा-
  • भारत वन स्थिति रिपोर्ट-2019 (India State of Forest Report, 2019- ISFR, 2019) जारी की गई है।
  • वर्ष 1987 से हर 2 साल पर - भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट प्रकाशित किया जाता है।
  • ISFR 2019 इस श्रेणी की 16वीं रिपोर्ट है।
  • इसमें वन एवं वन संसाधनों के आकलन के लिये भारतीय दूरसंवेदी उपग्रह रिसोर्स सेट-2 से प्राप्‍त आँकड़ों का प्रयोग किया गया है।
  • इस रिपोर्ट में वन एवं वन संसाधनों के आकलन के लिये पूरे देश में 2200 से अधिक स्थानों से प्राप्‍त आँकड़ों का प्रयोग किया गया है।
  • वर्तमान रिपोर्ट में ‘वनों के प्रकार एवं जैव विविधता’ (Forest Types and Biodiversity) नामक एक नए अध्याय को जोड़ा गया है, इसके अंतर्गत वृक्षों की प्रजातियों को 16 मुख्य वर्गों में विभाजित करके उनका ‘चैंपियन एवं सेठ वर्गीकरण’ (Champion & Seth Classification) के आधार पर आकलन किया जाएगा।

चैंपियन एवं सेठ वर्गीकरण:

-भारत की वनस्पति का सबसे लोकप्रिय एवं मान्य वर्गीकरण  वर्ष 1936 में हैरी जॉर्ज चैंपियन) ने किया था।
-यह वर्गीकरण पौधों की संरचना, आकृति विज्ञान और पादपी स्वरुप पर आधारित है।
-इस वर्गीकरण में वनों को 16 मुख्य वर्गों में विभाजित कर उन्हें 221 उपवर्गों में बाँटा गया है।

ISFR,2019 से संबंधित प्रमुख तथ्य

1-देश में वनों एवं वृक्षों से आच्छादित कुल क्षेत्रफल 8,07,276 वर्ग किमी. है जो कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 24.56% है |
2-कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का वनावरण क्षेत्र - 7,12,249 वर्ग किमी. है जो कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 21.67% है |
3-कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का वृक्षावरण क्षेत्र- 95,027 वर्ग किमी. है जो कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 2.89% है |
4-वनाच्छादित क्षेत्रफल में वृद्धि - 3,976 वर्ग किमी. (0.56%)
5-वृक्षों से आच्छादित क्षेत्रफल में वृद्धि- 1,212 वर्ग किमी. (1.29%)
6-वनावरण और वृक्षावरण क्षेत्रफल में कुल वृद्धि- 5,188 वर्ग किमी. (0.65%)

सर्वाधिक वन क्षेत्रफल वाले राज्य

- मध्य प्रदेश(77,482 वर्ग किमी.)
- अरुणाचल प्रदेश (66,688 वर्ग किमी.)
- छत्तीसगढ़(55,611 वर्ग किमी.)


सर्वाधिक वनावरण प्रतिशत वाले राज्य

- मिज़ोरम -  85.41%
- अरुणाचल प्रदेश - 79.63%
- मेघालय  -76.33%


वन क्षेत्रफल में वृद्धि वाले शीर्ष राज्य

- कर्नाटक-1,025 वर्ग किमी.
- आंध्र प्रदेश-990 वर्ग किमी.
- केरल- 823 वर्ग किमी.

बाँस क्षेत्र
ISFR-2017 की तुलना में कुल बाँस भूमि में 3,229 वर्ग किमी. की वृद्धि हुई है।

मैंग्रोव वनों की स्थिति
देश में मैंग्रोव वनस्‍पति में वर्ष 2017 के आकलन की तुलना में कुल 54 वर्ग किमी. (1.10%) की वृद्धि हुई है।


पहाड़ी क्षेत्रों की स्थिति
वर्तमान आकलन में ISFR-2017 की तुलना में भारत के 144 पहाड़ी जिलों में 544 वर्ग किमी. (0.19%) की वृद्धि देखी गई है।

उत्तर-पूर्व क्षेत्र की स्थिति 
उत्तर-पूर्व क्षेत्र में कुल वनावरण क्षेत्र  - 1,70,541 वर्ग किमी. (कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 65.05%)
वर्तमान रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पूर्वीय क्षेत्र में कुल वनावरण क्षेत्र में 765 वर्ग किमी. (0.45%) की कमी आई है।
असम और त्रिपुरा को छोड़कर बाकी सभी उत्तर-पूर्वी राज्यों के वनावरण क्षेत्र में कमी आई है।


ईंधन की लकड़ियों के लिये आश्रितता
वनों पर ईंधन की लकड़ियों के लिये सर्वाधिक आश्रित राज्यों -महाराष्ट्र 
चारा, इमारती लकड़ी और बाँस पर सर्वाधिक आश्रित राज्य - मध्य प्रदेश 
भारत के कुल वनावरण का 21.40% क्षेत्र वनों में लगने वाली आग से प्रभावित है।

रिकार्डेड फारेस्ट एरिया(Recorded Forest Area) -

- RFA- पद का उपयोग ऐसी भूमि के लिये किया जाता है, जिन्हें किसी सरकारी अधिनियम या नियम के तहत - - वन के रूप में अधिसूचित किया गया हो या उसे सरकारी रिकॉर्ड में ‘वन’ के रूप में दर्ज़ किया गया हो । 
- ISFR-2019 में आद्रभूमियों को भी RFA के तौर पर शामिल किया गया है|
- भारत के रिकार्डेड फारेस्ट एरिया में - 330 (0.05%) वर्ग किमी. की कमी आई है।
- भारत में 62,466 आर्द्रभूमियाँ देश के RFA/GW क्षेत्र के लगभग 3.83% क्षेत्र को कवर करती हैं।
- भारतीय राज्यों में गुजरात का सर्वाधिक और दूसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल का आर्द्रभूमि क्षेत्र RFA के अंतर्गत आता है।





ADD COMMENT

Test
Classes
E-Book