धारा 441
धारा 440
धारा 439
धारा 438
धारा 441:- आपराधिक अतिचार
यदि कोई व्यक्ति ऐसी संपत्ति में या ऐसी संपत्ति पर, जो किसी दूसरे के कब्जे में है, यानी कि मालिकाना हक से किसी और की है,
वह व्यक्ति इस आशय से प्रवेश करता है, कि वह कोई अपराध करेगा या किसी व्यक्ति को, जिसके कब्जे में ऐसी संपत्ति है;
डरा धमका कर भयभीत करेगा, अपमानित करेगा या किसी भी प्रकार से परेशान करेगा अथवा ऐसी संपत्ति में या ऐसी संपत्ति पर, विधिपूर्वक प्रवेश करके वहां विधिविरुद्ध रूप में इस आशय से बना रहता है कि तद्द्वारा वह किसी ऐसे व्यक्ति को भयभीत, अपमानित या परेशान करे या
इस आशय से बना रहता है कि वह कोई अपराध करे, तो उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 441 में आपराधिक अतिचार करना कहा जाता है।
अगर कोई व्यक्ति आपके घर में बिना आपकी मर्जी या परिवार के किसी भी सदस्य की अनुमति के बिना आकर अनियमिता फैलाए या झगड़ा करे तो आप उस व्यक्ति के ऊपर आप आईपीसी की किस धारा के अंतर्गत मामला दर्ज कर सकते हैं।
धारा 438 » धारा 437 में वर्णित अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा की गई कुचेष्टा के लिए दण्ड
धारा 439 » चोरी, आदि करने के आशय से जलयान को साशय भूमि या किनारे पर चढ़ा देने के लिए दण्ड
धारा 440 » मृत्यु या उपहति कारित करने की तैयारी के पश्चात् की गई रिष्टि
आपने अक्सर कहीं ना कहीं देखा, सुना व पढ़ा होगा की कोई व्यक्ति अपने किसी गलत आशय यानी इरादे से दूसरे व्यक्ति के घर में उसको डराने धमकाने व उसको अपमानित करने या उन्हें किसी भी तरीके से परेशान करने गया हो तो आज हम उसी से संबंधित धारा के बारे में बात करेंगे।
धारा 441:- आपराधिक अतिचार
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