नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही, सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प को चुनिए - शिक्षा आज दुविधा के अजब दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता चकाचौंध का है, मृगतृष्णा शिक्षार्थी को लोभ-लालच देकर अपनी तरफ दौड़ाते रहने को विवश करने को उतारु खड़ी है। बाजार के इन ललचाने वाले रास्तों पर आकर्षण है, चकाचौंध है और सम्मोहित कर देने वाले सपने है। दूसरी तरफ शिक्षा का साधना मार्ग है जो शांति दे सकता है, संतोष दे सकता है। निश्चित ही वह मार्ग श्रेयस्कर है। इस दोराहे पर खड़ा शिक्षार्थी बाजार को चुन लेता है। लाखों-करोड़ों लोग आज इसी रास्ते के लालच में आ गए हैं और शिक्षा के भँवरजाल में फँस गए हैं। बाजार की खूबी यही है कि वह फँसने का अहसास किसी को नहीं होने देता और मनुष्य लगातार फँसता चला जाता है। किसी को यह महसूस नहीं होता कि वह दलदल में है बल्कि महसूस वह होता है कि बाजार द्वारा दिए गए पैकेज के कारण वह सुखी है। अब यह अलग बात है कि सच्चा सुख क्या है? और सुख का भ्रम क्या है? जरुरत विचार करने का है। सवाल यह है कि बाजार विचार करने का भी अवकाश देता है या कि नहीं। “मृगतृष्णा” का तात्पर्य है -

  • 1

    देर से लगी हुई प्यास का एहसास

  • 2

    किसी को फँसाने का षड्यंत्र

  • 3

    हिरनों की प्यास का सामुहिक नाम

  • 4

    दूर से ललचाने वाली वस्तु का भ्रम

Answer:- 4

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