तारीख़-ए-रशीदी
तबकात-ए-नासिरी
फुतूहुस्सलातीन
उपर्युक्त में से कोई नहीं
मिरजा मोहम्मद हैदर ने फारसी भाषा में तारीख-ए-रशीदी नामक ग्रन्थ की रचना की थी। इसमें बाबर और हुमायूं के शासन काल की घटनाओं का वर्णन मिलता था। मिरजा मोहम्मद हैदर बाबर का सम्बन्धी था और छोटी आयु में ही उसकी सेवा में आ गया था। उसने बाबर और हुमायूं की घटनाओं को स्वयं देखा था। तारीख-ए-रशीदी को उसने दो भागों में लिखा। पहले भाग में 1527 से 1553 ई. के मध्य उसने बाबर और हुमायूं की घटनाओं का उल्लेख किया तथा दूसरे भाग में 1541 ई. तक की अपने जीवन की घटनाओं का वर्णन किया है।
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