India’s No.1 Educational Platform For UPSC,PSC And All Competitive Exam
ए. कनिंघम
ए.एच. दानी
ब्यूलर
जेम्स प्रिंसेप
सर्वप्रथम 1837 ई. में जेम्स प्रिंसेप ने असोक के अभिलेखों को ब्राह्मी लिपि में पढ़ने सफलता प्राप्त की थी। अशोक की पहचान प्रियदर्शी के रूप में हुई ।
Your comments will be displayed only after manual approval.
Post your Comments