“रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरै, मोती मानुस चून” वर्णित लोकोक्ति में प्रयुक्त अलंकार पहचानिए -

  • 1

    उत्प्रेक्षा

  • 2

    श्लेष

  • 3

    यमक

  • 4

    रुपक

Answer:- 2
Explanation:-

रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरै, मोती मानुस चून। यहाँ पानी के तीन अर्थ है - कांति, आत्म-सम्मान और जल। इस प्रकार श्लेष अलंकार है, क्योंकि पानी शब्द एक ही बार प्रयुक्त है तथा उसके अर्थ तीन हैं। अतः यहाँ श्लेष अलंकार है। उत्प्रेक्षा - साखी सोहत गोपाल के, उर गुंजन की माल।               बाहर सोहत मनु पिये, दावानल की ज्वाल।। रुपक - पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।

Post your Comments

Your comments will be displayed only after manual approval.

Test
Classes
E-Book