1921-22 के असहयोग आंदोलन का मुख्य प्रतिफल था -

  • 1

    भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में विभाजन 

  • 2

    हिंदू-मुस्लिम एकता

  • 3

    सूबों को अधिक शक्तियां 

  • 4

    केंद्रीय विधायिका सदन में चुने हुए सदस्यों की संख्या में वृद्धि 

Answer:- 2
Explanation:-

1921-22 के असहयोग आंदोलन का मुख्य प्रतिफल हिंदू-मुस्लिम एकता था। हिंदु-मुस्लिम समुदाय को राष्ट्रीय आंदोलन की मुख्य धारा में लाने का यह स्वर्णिम अवसर था।

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