प्राथमिक स्तर पर आकलन के लिए विषयपरक प्रकार की परीक्षा का उपयोग किया जाता है।
गणित और दूसरे पाठ्यतेर क्षेत्रों के बीच के संबंधों को उजागर किया जाता है।
गणित के अधिगम में भाषा और संवादों की भूमिका पर उचित ध्यान दिया जाता है।
अध्यापक स्वीकार करता है कि दी गई अन्योन्य क्रिया को विभिन्न विद्यार्थी अलग-अलग प्रकार से समझ सकते हैं।
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