जैव विकास एवं वर्गिकी - 02

01. पादप जगत के वर्ग है -

  • 1

    थैलोफाइटा

  • 2

    ब्रायोफाइटा

  • 3

    ट्रैकियोफाइटा

  • 4

    ये सभी

02. अकशेरुकी तथ कशेरुकी नामक दो वर्गों में विभाजित है -

  • 1

    संघ सीलेन्ट्रेटा

  • 2

    संघ प्रोटोजोआ

  • 3

    संघ कॉर्डेटा

  • 4

    संघ मोलस्का

04. संघ पोरीफेरा के जीवों की विशेषता नहीं है -

  • 1

    इनके शरीर में असंख्य छिद्र पाए जाते है

  • 2

    इनके शरीर पर काँटेनुमा संरचनाएं होती है

  • 3

    इनमें नाल तंत्र नहीं पाए जाते है

  • 4

    ये एक कोशिकीय होते हैं

05. संघ - सीलेंट्रेटा के जीवों का सर्वप्रमुख लक्षण है -

  • 1

    मस्तिष्क की उपस्थिति

  • 2

    शरीर में अंतरगुहा की उपस्थिति

  • 3

    एक कोशिकीय होना

  • 4

    विभिन्न अंग तंत्रों की उपस्थिति

06. लाइकेन के संबंध में असत्य कथन है -

  • 1

    ये मृदा को हानि पहुँचाते है

  • 2

    अनेक औषधियों के निर्माण में इनका प्रयोग होता है

  • 3

    ये कवक तथा शैवालों के सहजीवन का परिणाम है

  • 4

    लाइकेन थैलोफाइटा प्रकार की वनस्पति है

07. लाल सागर को यह नाम क्यों दिया गया -

  • 1

    इस की विशिष्ट अवस्थिति के कारण

  • 2

    विशिष्ट शैवालों की उपस्थिति के कारण

  • 3

    अम्ल वर्षा के कारण

  • 4

    इनमें से कोई नहीं

08. सूत्र कृमि किस संघ से संबंधित है -

  • 1

    आथ्रोपोडा

  • 2

    प्लेटिहेल्मिन्थीज

  • 3

    एस्केल्मिन्थीज

  • 4

    एनेलिडा

09. जीवाणुओं के संबंध में सत्य नहीं है -

  • 1

    मोनेरा जगत से संबंधित 

  • 2

    एक कोशिकीय जीव

  • 3

    केन्द्रक युक्त

  • 4

    स्वपोषी

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